राज्य सरकारों के कैबिनेट सचिव तथा इससे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी
भारत में वर्तमान में कुल 28 राज्य है तथा प्रत्येक राज्य का एक मुख्यमंत्री तथा उनकी मंत्री परिषद होती है और मुख्यमंत्री की सहायता और मंत्रियों में समन्वय स्थापित करने के लिए एक प्रशासनिक पद की व्यवस्था की गई है जिसे मुख्य सचिव कहा जाता है।
उसी प्रकार भारत में भी प्रधानमंत्री की सहायता तथा उनकी मंत्रिपरिषद में समन्वय स्थापित करने के लिए एक प्रशासनिक पद की व्यवस्था की गई है जिसे भारत सरकार का मुख्य सचिव कहा जाता है। भारत में ‘कैबिनेट सचिव‘ (Cabinet Secretary) का पद सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है। तथा वर्तमान में भारत के कैबिनेट सचिव या मुख्य सचिव डॉ. सोमनाथन तमिलनाडु कैडर के 1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी की है और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एग्जीक्यूटिव डेवलपमेंट प्रोग्राम पूरा किया है। इसके अलावा, वे चार्टर्ड अकाउंटेंट, कॉस्ट अकाउंटेंट और कंपनी सचिव की योग्यताएं भी रखते हैं।
अपने करियर के दौरान, डॉ. सोमनाथन ने प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव, और विश्व बैंक में निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके है। उनके कैबिनेट सचिव बनने से पहले, वे वित्त सचिव और व्यय विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत थे।
भारत में मुख्य सचिव (Chief Secretary) बनने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया होती है
1. शैक्षणिक योग्यता और प्रारंभिक तैयारी
उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (अधिकतर विषय प्रशासन, प्रबंधन, कानून या अर्थशास्त्र) होना चाहिए।
यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा (CSE) को पास करना आवश्यक होता है।
2. भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयन
सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवार को IAS (भारतीय प्रशासनिक सेवा) में चुना जाता है।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें विभिन्न पदों पर नियुक्त किया जाता है।
3. अनुभव और पदोन्नति
एक IAS अधिकारी को शुरुआत में जिला कलेक्टर (DM) या अन्य प्रशासनिक पद दिया जाता है।
अनुभव और कार्यकुशलता के आधार पर सचिव, प्रमुख सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव आदि पदों पर पदोन्नति होती है।
4. मुख्य सचिव की नियुक्ति
राज्य सरकार द्वारा सबसे वरिष्ठ IAS अधिकारी को मुख्य सचिव नियुक्त किया जाता है।
यह नियुक्ति मुख्यमंत्री द्वारा की जाती है और इसमें अधिकारी का अनुभव व योग्यता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्य सचिव राज्य सरकार का प्रशासनिक प्रमुख होता है और सरकार के सभी विभागों का समन्वय करता है।
5. कार्यकाल और सेवानिवृत्ति
आमतौर पर मुख्य सचिव का कार्यकाल सरकार के विवेकाधिकार पर निर्भर करता है।
60 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्ति होती है, लेकिन कुछ मामलों में सेवा विस्तार दिया जा सकता है।
संक्षेप में
मुख्य सचिव बनने के लिए एक व्यक्ति को UPSC परीक्षा पास करके IAS अधिकारी बनना पड़ता है, फिर वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर पदोन्नति पाकर मुख्य सचिव के पद तक पहुंचा जा सकता है।
भारत में मुख्य सचिव (Chief Secretary) राज्य सरकार का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है। वह राज्य के मुख्यमंत्री का प्रमुख सलाहकार होता है और राज्य के सभी प्रशासनिक मामलों की देखरेख करता है। मुख्य सचिव भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का वरिष्ठतम अधिकारी होता है। उसकी प्रमुख शक्तियाँ और जिम्मेदारियाँ निम्नलिखित हैं।
मुख्य सचिव की शक्तियाँ एवं उत्तरदायित्व
1. प्रशासनिक नियंत्रण – वह राज्य सरकार के सभी विभागों और अधिकारियों का समन्वय करता है तथा प्रशासनिक कार्यों का संचालन सुनिश्चित करता है।
2. नीतिगत निर्णयों में भूमिका – राज्य सरकार की नीतियों के निर्माण और कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
3. मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों का प्रमुख सलाहकार – वह मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद को विभिन्न प्रशासनिक मामलों पर सलाह देता है।
4. कैबिनेट सचिवालय का प्रमुख – मुख्य सचिव राज्य कैबिनेट सचिवालय का प्रमुख होता है और कैबिनेट बैठकों का समन्वय करता है।
5. विभागों के बीच समन्वय – विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करता है ताकि योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन हो सके।
6. नियुक्ति और सेवा मामलों पर नियंत्रण – राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति, स्थानांतरण, पदोन्नति और सेवा शर्तों से जुड़े मामलों की देखरेख करता है।
7. राज्य की वित्तीय नीति में योगदान – बजट तैयार करने में सहयोग करता है और वित्तीय संसाधनों के उचित उपयोग को सुनिश्चित करता है।
8. कानून व्यवस्था में सहयोग – राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने में मुख्य सचिव पुलिस एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करता है।
9. केंद्र सरकार के साथ समन्वय – राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच समन्वय स्थापित करता है, विशेष रूप से नीतिगत मामलों और वित्तीय सहयोग के संदर्भ में।
10. आपदा प्रबंधन एवं संकट नियंत्रण – राज्य में किसी आपदा या संकट की स्थिति में राहत और पुनर्वास कार्यों का नेतृत्व करता है।
मुख्य सचिव राज्य प्रशासन की रीढ़ होता है और राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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