One Nation One Election yojana

One Nation One Election yojana के बारे में जानकारी निम्नलिखित है –

वन नेशन वन इलेक्शन योजना (One Nation One Election) का अर्थ है पूरे देश में लोकसभा (संसद) और राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ करवाना। इस योजना का मुख्य उद्देश्य चुनावों पर होने वाले भारी खर्च और बार-बार होने वाले चुनावों के कारण रुकावट को कम करना है।

One Nation One Election yojana

वन नेशन वन इलेक्शन का उद्देश्य- (one nation one election yojana) 

1. एक साथ चुनाव – पूरे देश में एक ही समय पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराए जाएं ताकि कम खर्च में ज्यादा काम और वो भी सफल कार्य हो सके।

2. खर्च कम करना – बार-बार चुनाव कराने से सरकार और जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना।

3. सुधार और विकास कार्यों में तेजी – बार-बार आचार संहिता लागू होने के कारण विकास कार्य रुक जाते हैं, एक साथ चुनाव से यह रुकावट कम होगी।

4. राजनीतिक स्थिरता – पूरे देश में एक साथ चुनाव होने से राजनीतिक स्थिरता बनी रहेगी।

वन नेशन वन इलेक्शन के फायदे –

1. चुनावी खर्च कम होगा।

2. सरकार और प्रशासन को लंबे समय तक स्थिरता मिलेगी।

3. जनता को बार-बार चुनाव प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़ेगा।

4. विकास कार्यों में रुकावट नहीं आएगी।

चुनौती और समस्या

1. संविधान में संशोधन – इस योजना को लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेदों में बदलाव करना पड़ेगा।

2. सभी पार्टियों की सहमति – इस योजना के लिए सभी राजनीतिक दलों की सहमति जरूरी होगी।

3. संघीय ढांचे पर असर – भारत का संविधान संघीय ढांचा (फेडरल स्ट्रक्चर) को मान्यता देता है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें स्वतंत्र होती हैं।

वर्तमान स्थिति

भारत सरकार इस योजना को लागू करने के लिए विचार कर रही है और कई बार इस पर चर्चा हो चुकी है। वर्ष 2014 के बाद से इस विषय पर गहन चर्चा शुरू हुई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस योजना का समर्थन किया है।

निष्कर्ष

यदि वन नेशन वन इलेक्शन योजना लागू होती है, तो यह भारत के राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य को काफी हद तक प्रभावित करेगी। इससे देश के विकास कार्यों में तेजी आएगी और प्रशासनिक कार्यों में बाधाएं कम होंगी। हालांकि, इसे लागू करने के लिए संविधान संशोधन, राजनीतिक सहमति और कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।

वन नेशन वन इलेक्शन योजना के संबंध में वर्तमान स्थिति इस प्रकार है –

कोविंद समिति की सिफारिशें

चरणबद्ध चुनाव – समिति ने सुझाव दिया है कि पहले चरण में लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएं। दूसरे चरण में नगर पालिकाओं और पंचायतों के चुनाव लोकसभा और विधानसभा चुनावों के 100 दिनों के भीतर संपन्न हों।

अविश्वास प्रस्ताव के लिए विकल्प : यदि किसी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होता है, तो नई सरकार का गठन किया जाए जो पूर्ववर्ती सरकार के शेष कार्यकाल को पूरा करेगी, ताकि चुनावों की नियमितता बनी रहे।

सरकारी खर्च और प्रक्रिया

रिपोर्ट की लागत: ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट तैयार करने में सरकार ने लगभग 95,344 रुपये खर्च किए हैं, जो प्रति दिन लगभग 491 रुपये के बराबर है। समिति के किसी भी सदस्य ने इस कार्य के लिए कोई फीस नहीं ली।

संवैधानिक संशोधन की प्रक्रिया

संवैधानिक संशोधन: इस योजना को लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 83, 172 में संशोधन और नया अनुच्छेद 82A जोड़ने की आवश्यकता होगी। यह संशोधन संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से पारित होना चाहिए।

राज्य विधानसभाओं की मंजूरी: कुछ संशोधनों के लिए राज्यों की विधानसभाओं से भी अनुमोदन आवश्यक होगा।

संभावित समयसीमा: यदि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो 2029 में लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं।

राजनीतिक दलों के विचार और चुनौतियाँ

विविध दृष्टिकोण :- ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर विभिन्न राजनीतिक दलों के मिश्रित विचार हैं। कुछ दल इसे लोकतंत्र को मजबूत करने वाला कदम मानते हैं, जबकि अन्य इसे राज्यों की स्वायत्तता पर प्रभाव डालने वाला मानते हैं। इस संदर्भ में व्यापक संवाद और सहमति आवश्यक है।

5. चुनाव आयोग का दृष्टिकोण

तैयारियाँ और चुनौतियाँ:- चुनाव आयोग ने एक साथ चुनाव कराने की संभावनाओं और चुनौतियों पर विचार किया है। इसमें लॉजिस्टिक, सुरक्षा व्यवस्था, ईवीएम की उपलब्धता और मतदान कर्मियों की तैनाती जैसे मुद्दे शामिल हैं। आयोग का मानना है कि उचित योजना और संसाधनों के साथ यह संभव है।

निष्कर्ष : ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ योजना को लागू करने के लिए सरकार सक्रिय कदम उठा रही है। हालांकि, इसे प्रभावी बनाने के लिए संवैधानिक संशोधन, राजनीतिक सहमति और प्रशासनिक तैयारियों की आवश्यकता होगी।

यह कदम देश के चुनावी परिदृश्य में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकता है, जिससे चुनाव प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और आर्थिक रूप से किफायती हो सकती है।

One Nation One Election yojana के बारे में बताई गई सामान्य जानकारी आपको कैसी लगी हमें काॅमेंट बाक्स में जरूर बताएं।

धन्यवाद।

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